अजीब हालात (ajeeb halaat)
अजीब हालात (ajeeb halaat)
अजीब से जज्बात है,
अजीब से हालात है,
इस बेदर्दी दुनिया के बडे अजीब से खयालात है |
ना कही कोई इंसान,
ना ही कही उनकी इंसानियत नज़र आती है |
ना ही किसी के कुछ ज़ज्बात नज़र आते है
अजीब से शौक रखने लगे अब लोग,
हर कोई बर्बादी के कग़ार पर नज़र आते है |
यहाँ हर किसी मोड़ पर ये सब बिकते नज़र आते है |
ना ख़ुदा की परवाह,
ना भगवान का खौफ़,
हर जगह नकाबों में लोग नज़र आते है |
हितेश

Wah wah
ReplyDeletethanks piku
DeleteWeLL said👍👍
ReplyDeletethanks
Deletenice line
ReplyDeletethanks
ReplyDeleteMast
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