अजीब हालात (ajeeb halaat)

अजीब हालात (ajeeb halaat)



अजीब से जज्बात है,
अजीब से हालात है,

इस बेदर्दी दुनिया के बडे अजीब से खयालात है |

ना कही कोई  इंसान,
ना ही कही उनकी इंसानियत नज़र आती है |

ना ही किसी के कुछ ज़ज्बात नज़र आते है 

अजीब से शौक रखने लगे अब लोग,
हर कोई बर्बादी के कग़ार पर नज़र आते है |

यहाँ हर किसी मोड़ पर ये सब बिकते नज़र आते है |

ना ख़ुदा की परवाह,
ना भगवान का खौफ़,

हर जगह नकाबों में लोग नज़र आते है |



हितेश 

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