तमन्ना इश्क़ की (tamanna ishq ki)

तमन्ना इश्क़ की (tamanna ishq ki)

तमन्ना इश्क़ की (Tamanna Ishq Ki)

तमन्नाओं के सिलसिले यूँ ही नहीं है,
वो हर रोज एक नयी प्यास लगाये जा रही है |

एक मीठी तलब सी है उनकी ख़ुशबू में,
जो हमें हर रोज उनकी बज़्म में खींचे जा रही है |

एक उम्मीद सी है उनकी बातों में,
जो हर रोज मुझे उनके करीब लाये जा रही है |

एक ख़ुशी सी है उनके गुलशन में
जो उल्फ़त में हर रोज बहार लाये जा रही है |

बहुत कुछ बोलती है उनकी खामोश नजरें,
वो इतना सुकून ना जाने कहाँ से लाये जा रही है |

कुछ तो राज है उनकी कहानी में भी,
जो हमें अपनी निगाहों से वो रोज पिलाये जा रही है |

यूँ ही मुस्कराहट नहीं है उनके चेहरे पर भी,
उसकी मुस्कराहट उसके कुछ राज छुपाये जा रही है |

✍️तेश

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