ख़ुद मुस्कुराने उसे छोड़ आए हम (khuhd muskurane use chhor aaye ham)


ख़ुद मुस्कुराने उसे छोड़ आए हम (khuhd muskurane use chhor aaye ham)


दर्द की आँखों में यूँ धूल झोंक आए हम,
आज ख़ुद मुस्कुराने उसे छोड़ आए हम ||

बहुत हुआ अब ये सिलसिला दर्द का,
मुस्कुराने के बहाने आंखिरी बार रो आए हम,
आज ख़ुद मुस्कुराने उसे छोड़ आए हम,
दर्द की आँखों में यूँ धूल झोंक आए हम ||

छोड़ा नहीं था शायद कभी मैंने दर्द का साथ,
तभी मुस्कुरा ना पाए थे कभी हम,
आज ख़ुद मुस्कुराने उसे छोड़ आए हम,
दर्द की आँखों में यूँ धूल झोंक आए हम ||

वो जन्म-जन्मों के वादों को छोड़ आए,
सारे ग़मों के नातों को पीछे छोड़ आए हम,
आज ख़ुद मुस्कुराने उसे छोड़ आए हम,
दर्द की आँखों में यूँ धूल झोंक आए हम ||

सिलसिला आज वो ग़म-ए-जिंदगी का ठुकरा आए,
मौत से ख़ुद का सौदा करने निकल आए हम,
आज ख़ुद मुस्कुराने उसे छोड़ आए हम,
दर्द की आँखों में यूँ धूल झोंक आए हम ||

वो चेहरे, वो ज़ज्बात, वो बातें सब पीछे छोड़ आए,
नई जिंदगी जीने का हुनर सीख आए हम,
आज ख़ुद मुस्कुराने उसे छोड़ आए हम,
दर्द की आँखों में यूँ धूल झोंक आए हम ||

हितेश

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