वो शख्स (who shaks)

वो शख्स (who shaks)


एक शख्स मुझमें बस गया कुछ इस कदर,
जिस्म में रूह बस गई हो जिस कदर |

हर सवाल हर जवाब में उनका जिकर,
हर ख़्वाब हर ख़याल में उनका रह बसर,

दिन रात हर घड़ी उसका नशा इस कदर,
मेरी जिस्म में मेरी रूह है जिस कदर |

तड़पता है हर घड़ी मिलने के लिए  इस तरह,
दिल के बिना धड़कन हो जिस कदर |

हर एक लफ़्ज में उसका नाम आता है इस कदर,
चाँद के बिना चांदनी हो जिस कदर |


✍️तेश

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