वो शख्स (who shaks)
वो शख्स (who shaks)
एक शख्स मुझमें बस गया कुछ इस कदर,
जिस्म में रूह बस गई हो जिस कदर |
हर सवाल हर जवाब में उनका जिकर,
हर ख़्वाब हर ख़याल में उनका रह बसर,
दिन रात हर घड़ी उसका नशा इस कदर,
मेरी जिस्म में मेरी रूह है जिस कदर |
तड़पता है हर घड़ी मिलने के लिए इस तरह,
दिल के बिना धड़कन हो जिस कदर |
हर एक लफ़्ज में उसका नाम आता है इस कदर,
चाँद के बिना चांदनी हो जिस कदर |
✍️तेश
Adorable
ReplyDeletethanks dear
DeleteNyccc....
ReplyDeletethanks dear
ReplyDeletethanks bhai
ReplyDeleteशानदार जबरदस्त जिंदाबाद
ReplyDeleteधन्यवाद ठाकुर साब
Deleteawesome
ReplyDeleteThanks dear
ReplyDeleteNice brother
ReplyDeleteThanks dear
DeleteGreat sir ji
ReplyDeleteWo shaks😆❤👌👌
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