अधूरी हसरत (adoori hasrat)
उसकी दीदार की हसरत अधूरी ही रह गयी,
जो हर पल मेरा होने का दावा करती थी ।
सब के लिए तो वो मंजिल थी,
पर मेरे लिए वो ख्व़ाब बन कर रह गयी ।
ना पा सका कभी मैं उसे लोगों की तरह ।
मेरी जिंदगी की वो अधूरी मंजिल हि बन कर रह गयी ।
✍️तेश
gazab....
ReplyDeleteधन्यवाद
DeleteLines👌
ReplyDeleteधन्यवाद जी
Delete��������
ReplyDeleteThanks for these beautiful words. I genuinely like your words.
ReplyDeletePrakash
thanks dear
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