एक यार है मेरा (ek yaar hai mera)

एक यार है मेरा (ek yaar hai mera)


अंधेरे में एक चिराग़ सा,
चेहरे में आफ़ताब सा,
एक यार है मेरा ।

गुलशन में बहार सा,
फ़ूलो में महक सा ,
एक यार है मेरा।

थोड़ा सा मासूम सा,
थोड़ा सा शरारती सा,
एक यार है मेरा।

जो हर एक पल को जीता सा,
हर किसी को जीना सिखाता सा ,
एक यार है मेरा।

हर किसी का वो अपना सा,
हर किसी के दर्द में दवा सा,
एक यार है मेरा।

दर्द में हमसफ़र सा,
ज़ख्म में मरहम सा,
एक यार है मेरा।

बेगानों में अपना सा,
जिससे रिस्ता एक गहरा सा,
एक यार है मेरा।

पूर्णिमा के चाँद सा,
अमावस में दिए सा,
एक यार है मेरा।

पतझड़ में बहार सा,
बसंत में बहार सा,
एक यार है मेरा।

ना उम्मीदी में उम्मीद सा,
काली रात में जुगनू सा,
एक यार है मेरा।

प्यार के जज्बात सा,
इश्क़ के एहसास सा,
एक यार है मेरा।

सर्दियों की धूप सा,
गर्मी में छाँव सा,
एक यार है मेरा।

मंदिर की पूजा  सा,
मस्जिद की इबादत सा,
एक यार है मेरा।

कुछ मेरा सा,
कुछ अपने सा,
एक यार है मेरा ।।

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हितेश
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