उम्मीद ......
आज फ़िर से झुका आये सजदे में उसके सर,
बस इसी उम्मीद में कि कभी तो दुआ क़ुबूल होगी|
आज हम फ़िर छोड़ आए मैख़ाने को पीछे,
बस इसी उम्मीद में कि वो अपनी नज़रों से पिलायेंगे |
आज हम फ़िर से छोड़ आए जमाने को पीछे,
बस इसी उम्मीद में कि अपनी एक नई दुनिया बसाएँगे |
आज हम फ़िर से छोड़ आए महफ़िल को पीछे ,
बस इसी उम्मीद में कि महफ़िल आज अपनी सजायेंगे |
आज फ़िर से छोड़ आए शहरअपना पीछे,
बस इसी उम्मीद में कि आज गाँव अपना फ़िर से बसाएँगे |
आज फ़िर से ठुकरा आए प्यार जमाने का पीछे,
बस इसी उम्मीद में कि उनका प्यार कभी तो होगा हमारे लिए |
✍️ तेश

Mst h bro
ReplyDeletethanks भाई
DeleteNyc lines👍👍
ReplyDeletethanks
Deletegazab.....wah bhai wah
ReplyDeletedhanywaad ji
Deletewow
ReplyDeletethanks
DeleteAmazing,,,,,,👌👌👌👌👌
ReplyDeletethanks ji
DeleteAmazing,,,,,,👌👌👌👌👌
ReplyDeletethanks rajesh bhai
DeleteKy baat sir ji
ReplyDeletethanks dear
DeleteUmmeed par hi to chal rahi h zindigi sbki...
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